Latest Stories

राजनीति

राहुल गांधी : वोट चोरी पर खुलासा, विपक्ष में एकजुटता और चुनाव आयोग पर सवाल

1 Mins read

भारत की राजनीति में आज की सबसे बड़ी खबर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से जुड़ी है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए देश भर में विपक्ष को एकजुट करने की पहल की है।

वोट चोरी का मुद्दा और डिनर डिप्लोमेसी
7 अगस्त 2025 को, राहुल गांधी ने अपने दिल्ली स्थित आवास पर INDIA गठबंधन (25 विपक्षी दल) के 50 से अधिक नेताओं को डिनर मीटिंग में बुलाया और एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दी। इस प्रेजेंटेशन का शीर्षक था – ‘Democracy Destroyed’। इसमें उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा क्षेत्र में 1,00,250 फर्जी वोट, बिहार के SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया में अनियमितता और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कथित वोटिंग धांधली जैसी बातें उजागर कीं। मीसा भारती, डिंपल यादव, सुप्रिया सुले, तेजस्वी यादव जैसे प्रमुख नेता उपस्थित रहे। बैठक में आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव और संसद में सामूहिक रणनीति पर चर्चा हुई।

चुनाव आयोग पर तीखे आरोप और सवाल
राहुल गांधी ने बेंगलुरु में ‘वोट अधिकार रैली’ में चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ साठगांठ का आरोप लगाया और कहा कि आयोग ने लोकसभा चुनाव में जनता से “चुनाव चुरा लिया”। उन्होंने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और वोट चोरों की पहचान करते हुए डेटा पेश किया:

1,00,250 फर्जी वोट (महादेवपुरा)

11,965 डुप्लीकेट वोटर

40,009 फर्जी/अवैध पते वाले वोटर

10,452 एक ही पते परbulk वोटर

4,132 गलत फोटो वाले वोटर

33,692 नए फर्जी वोटर (Form-6 का दुरुपयोग)

राहुल गांधी का आरोप है कि यह संविधान और देश के लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है। उन्होंने चुनाव आयोग की वेबसाइट क्रैश होने पर भी सवाल उठाए और मांग की कि ऑनलाइन डेटा सार्वजनिक किया जाए।

विपक्षी रणनीति: विरोध मार्च व आंदोलन
बैठक में consensus के बाद INDIA गठबंधन ने 11 अगस्त 2025 को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का निर्णय लिया है। यह संयुक्त विरोध प्रदर्शन देशव्यापी वोट चोरी, SIR प्रक्रिया की जांच और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए है। बिहार में तेजस्वी यादव की अगुआई में राज्य-व्यापी आंदोलन की घोषणा हुई है। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए यह जरूरी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया: सरकार व चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के आरोपों के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी और चुनाव आयोग ने बचाव किया। केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान ने राहुल को “बयान बहादुर” कहकर आरोपों को निराधार बताया और इसे संविधान/लोकतंत्र पर साजिश करार दिया। पूर्व कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इन्हें “गैर-जिम्मेदाराना” बताया। चुनाव आयोग ने राहुल से सबूत और हलफनामे की मांग की है, जिस पर राहुल बोले: “मैं संसद में संविधान पर शपथ ले चुका हूं, अब और किस चीज़ की ज़रूरत है?”

आगामी कार्यक्रम और असर
11 अगस्त: संसद से चुनाव आयोग तक विपक्ष का मार्च, लोकतंत्र बचाओ अभियान।

17 अगस्त: बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राज्यव्यापी आंदोलन।

9 सितंबर: उपराष्ट्रपति चुनाव पर INDIA गठबंधन की संयुक्त रणनीति का ऐलान।

error: यह कंटेंट IndiaFileStory.com द्वारा सुरक्षित है | कॉपी करना मना है।