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कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी का निधन, आज मोहनगढ़ में होगा अंतिम संस्कार

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नई दिल्ली/जैसलमेर, 21 अगस्त 2025 कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बाड़मेर-जैसलमेर संसदीय क्षेत्र से चार बार सांसद रह चुके कर्नल सोनाराम चौधरी का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। 75 वर्षीय सोनाराम पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत बेहतर होने की जानकारी साझा की थी, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उनकी हालत अचानक बिगड़ी और उन्होंने अंतिम सांस ली।

अंतिम संस्कार आज मोहनगढ़ में

परिवार के अनुसार, कर्नल सोनाराम का अंतिम संस्कार आज (गुरुवार) उनके पैतृक गांव मोहनगढ़ (जैसलमेर) में किया जाएगा। उनके निधन की खबर से पूरे मारवाड़ क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

राजनीति और सैन्य सेवा से जुड़ा लंबा सफर

कर्नल सोनाराम चौधरी ने भारतीय सेना में कर्नल पद से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति की राह पकड़ी। उन्होंने 1996, 1998 और 1999 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से लगातार जीत दर्ज की। इसके बाद वर्ष 2014 में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और उस चुनाव में भी सांसद चुने गए। अपने चार बार के संसदीय कार्यकाल के दौरान उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, सिंचाई परियोजनाओं और किसानों के मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाया।

नेताओं ने जताया शोक

कर्नल सोनाराम के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा, “मारवाड़ का सच्चा सपूत और किसानों की आवाज आज हमारे बीच नहीं रही। कर्नल सोनाराम जी का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भाजपा नेता वसुंधरा राजे ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

क्षेत्र में शोक की लहर

बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में कर्नल सोनाराम को ‘मारवाड़ का खरा सोना’ कहा जाता था। वे जनता से सीधे संवाद और सरल स्वभाव के लिए लोकप्रिय थे। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्रीय कांग्रेसी और भाजपाई कार्यकर्ता दोनों ही गहरे सदमे में हैं। कई सामाजिक संगठनों ने भी शोकसभा आयोजित करने की घोषणा की है।

अंतिम दिनों तक सक्रिय रहे

दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान भी कर्नल सोनाराम सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। उन्होंने खुद ऑपरेशन के बाद फोटो साझा करते हुए लिखा था कि वह स्वस्थ हैं और जल्द ही वापस जनता के बीच आएंगे। लेकिन भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया और चंद घंटों के भीतर ही उनकी जीवन यात्रा का अंत हो गया।

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