नई दिल्ली। देश और दुनिया में आज कई अहम घटनाएं घटित हुईं। कहीं शेयर बाजार में तेजी रही, तो कहीं प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को प्रभावित किया। साथ ही भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी मिली।
एनएसई को नया अध्यक्ष मिला – श्रीनिवास इंjeti

भारतीय राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने श्रीनिवास इंjeti को नया चेयरमैन नियुक्त किया है। यह पद पिछले वर्ष जुलाई से खाली था। इंjeti, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) के पहले प्रमुख रहे हैं। उनकी नियुक्ति को NSE के लंबे समय से लंबित IPO की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इस कदम से LIC, SBI और अन्य बड़े निवेशकों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
शेयर बाजार में तेजी, IT सेक्टर का जलवा
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। Nifty 50 और Sensex दोनों ही हरे निशान पर बंद हुए। सबसे ज्यादा उछाल IT सेक्टर में देखा गया, जहां Infosys द्वारा शेयर बायबैक पर विचार की घोषणा ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। IT इंडेक्स लगभग 2.3% ऊपर रहा। वहीं, RailTel को नए ऑर्डर मिलने से उसके शेयरों में 5% से ज्यादा की छलांग लगी।
हिमाचल में भूस्खलन – पांच की मौत
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के शमरनी गांव में देर रात हुए भूस्खलन से बड़ा हादसा हुआ। मलबे में दबकर एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं। तीन लोग घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुटे हुए हैं। मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक 370 से ज्यादा लोग प्राकृतिक आपदाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं।
मराठा सैन्य धरोहर को UNESCO की मान्यता
भारत के लिए गर्व की बात है कि ‘मराठा सैन्य भू-दृश्य’ (Maratha Military Landscapes) को UNESCO ने विश्व धरोहर स्थल घोषित कर दिया है। इसके साथ ही भारत के विश्व धरोहर स्थलों की संख्या 44 हो गई है। इस मान्यता से मराठा साम्राज्य के किले और उनकी सैन्य रणनीति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।
भारत–यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता अंतिम चरण में
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। दिल्ली में हुई ताज़ा बैठक में अब तक 23 अध्यायों में से 11 पर सहमति बन चुकी है। हालांकि कृषि, डेयरी, ऑटोमोबाइल और शराब जैसे क्षेत्रों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समझौता समय पर पूरा होता है तो दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

