नई दिल्ली। देश और दुनिया की आर्थिक, राजनीतिक और वैश्विक स्थिति से जुड़ी कई अहम घटनाएँ आज सामने आई हैं। खुदरा महंगाई के आँकड़ों से लेकर सेबी (SEBI) के नए नियम, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस-यूक्रेन संघर्ष तक
खुदरा मुद्रास्फीति अगस्त में 2.07% पर पहुँची

भारत में अगस्त 2025 की खुदरा मुद्रास्फीति दर (Retail Inflation) बढ़कर 2.07% दर्ज की गई, जबकि जुलाई में यह 1.61% थी। आँकड़ों के अनुसार सब्ज़ियों, अंडे, मांस, मछली और तेल-मसालों की कीमतों में बढ़त ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई।
हालाँकि, महंगाई अभी भी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के तय 2-6% के दायरे में है। इसका अर्थ है कि आने वाले महीनों में यदि महंगाई और नहीं बढ़ी तो RBI ब्याज दरों में कटौती का रास्ता अपना सकता है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कर राहत और GST 2.0 सुधार का असर आने वाले समय में कीमतों पर सकारात्मक पड़ सकता है।
सेबी ने IPO नियमों में ढील दी
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और बड़ी कंपनियों को पूँजी बाज़ार में आसानी से आने का मौका देने के लिए IPO नियमों में संशोधन किया है।
अब यदि किसी कंपनी का मार्केट कैप IPO के बाद ₹5 ट्रिलियन से अधिक है, तो उसे केवल 2.5% शेयर ही जनता को ऑफर करने होंगे। पहले यह सीमा 5% थी। इसके अलावा, संबंधित-पक्ष (related party) लेन-देनों और डिस्क्लोज़र नियमों को भी आसान किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत का शेयर बाज़ार अधिक आकर्षक बनेगा और विदेशी पूँजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-EU व्यापार वार्ता निर्णायक दौर में
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत तेज़ हो गई है। लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक समझौता पूरा हो जाए। इस FTA से भारत को यूरोपीय बाज़ारों तक बेहतर पहुँच मिलेगी, जबकि EU को भारत के उभरते उपभोक्ता बाज़ार और उत्पादन क्षमता का लाभ होगा।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समझौता भारत के निर्यात, तकनीकी सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) को नई ताक़त देगा।
चीनी निर्यात की स्थिति मजबूत
भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक है, नई मार्केटिंग सीज़न (1 अक्टूबर से शुरू) में निर्यात की स्थिति में है। पर्याप्त स्टॉक और उत्पादन में संभावित बढ़ोतरी से यह संभव होगा कि घरेलू खपत और एथेनॉल उत्पादन की ज़रूरतें पूरी होने के बाद भी निर्यात के लिए अतिरिक्त चीनी उपलब्ध रहे।
रुपया थोड़ा मजबूत, लेकिन दबाव बरकरार
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मामूली रूप से मज़बूत होकर ₹88.27 प्रति डॉलर पर पहुँच गया। इसका कारण अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना है। हालांकि, अमेरिकी टैरिफ और विदेशी पूँजी बहिर्वाह (outflow) का दबाव अभी भी बना हुआ है, जिससे रुपया आगे भी अस्थिर रह सकता है।
रूस के तेल टर्मिनल पर यूक्रेनी ड्रोन हमला
यूक्रेन ने रूस के प्रिमोर्स्क (Primorsk) बंदरगाह तेल टर्मिनल पर बड़ा ड्रोन हमला किया है। यह टर्मिनल पश्चिमी रूस का एक प्रमुख निर्यात केंद्र है। हमले में दो जहाज़ और एक पंपिंग स्टेशन जल गए, हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है और किसी तरह के तेल रिसाव का ख़तरा नहीं है।
इस हमले से अस्थायी रूप से तेल लोडिंग का काम ठप हो गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमतें बढ़ सकती हैं।
अमेरिका: मेमफिस में अपराध नियंत्रण को नेशनल गार्ड तैनात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने टेनेसी राज्य के मेमफिस शहर में बढ़ती अपराध दर से निपटने के लिए नेशनल गार्ड तैनात करने का आदेश दिया है। यह फ़ैसला स्थानीय प्रशासन से सहमति के बाद लिया गया।
ट्रम्प प्रशासन पहले भी वाशिंगटन डीसी और अन्य शहरों में अपराध नियंत्रण के लिए इसी तरह के कदम उठा चुका है। इस पर राजनीतिक बहस तेज़ हो गई है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि यह नागरिक स्वतंत्रताओं को प्रभावित कर सकता है।

